Adsense ad Serving Limit क्या होता है कैसे ठीक करें

अगर आप एक Blogger हैं या YouTuber हैं तो adsense ad Serving limit क्या होता है कैसे ठीक करें ये सवाल कभी ना कभी आपके पास जरूर आया होगा और अगर आपने अभी तक इस समस्या का सामना नहीं किया है तो हो सकता है आने वाले समय में इस समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

अगर आप चाहते हैं कि Adsense ad Limit के समस्या आपके पास ना आए तो फिर आपको इस समस्या के बारे में जानना जरूरी है क्योंकि हम किसी भी तरह के परेशानी के बारे में पूरी तरह से जान कर भविष्य में उस से होने वाले नुकसान को रोक सकते हैं।

Adsense ad Serving Limit क्या होता है?

कई बार हमें Adsense का अप्रूवल अपने Blog या YouTube Channel के लिए मिल जाता है लेकिन कुछ ही दिन बाद ऐडसेंस के तरफ से हमें एक मैसेज मिलता है Adsense ad Serving Limit का और अचानक से हमारे ब्लॉग या वेबसाइट पर ऐडसेंस के द्वारा लगाया गया एड हमारे विजिटर के सामने दिखता ही नहीं है या फिर बहुत ही कम संख्या में दिखता है।

और इस स्थिति में हमारे Blog पर अच्छा खासा ट्रैफिक होने के बावजूद कमाई कई गुना नीचे गिर जाता है क्योंकि जब हमारे साइट पर आ रहे ट्रैफिक के सामने एडसेंस का ऐड दिखेगा ही नहीं या फिर बहुत ही सीमित संख्या में दिखेगा तो फिर जाहिर सी बात है कमाई भी कम हो जाएगा।

Adsense Ad Limit क्यो होता है?

हमारे ऐडसेंस में Adsense ad unit Limit लगने के कई सारे कारण हो सकते हैं जिसमें मुख्य कारण इनवालिड ट्रैफिक का होना बताया गया है। इनवालिड ट्रैफिक का मतलब या तो आप किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से पेड ट्रैफिक अपने साइट पर ला रहे हैं या फिर आपके साइट पर आने वाले ट्रैफिक में ज्यादा से ज्यादा शेयरिंग या रेफरल का ट्रैफिक आ रहा है।

कई बार हम फेसबुक या इंस्टाग्राम या इसके जैसे अन्य सोशल प्लेटफॉर्म पर या किसी अन्य वेबसाइट से अपने साइट पर ट्रैफिक लाने के लिए कैंपेन चलाते हैं पैसे खर्च करके ट्रैफिक खरीदते हैं इसी को पेड ट्रैफिक कहा जाता है ये ट्रैफिक तब नुकसानदायक होता है जब इनकी संख्या ऑर्गेनिक ट्रैफिक से ज्यादा होती है।

आपके Blog, Website या YouTube Channel पर आने वाला ट्रैफिक का 60 परसेंट हिस्सा organic traffic होना चाहिए बाकी के 40 परसेंट आप कहीं से भी लाए तो दिक्कत नहीं होती है Adsense ad Unit Limit नहीं लगता है।

इसके विपरीत जब आपके Blog या यूट्यूब चैनल पर बाहर से आने वाला ट्रैफिक का ज्यादा से ज्यादा हिस्सा सोशल शेयरिंग या पेड ट्रैफिक हो और ऑर्गेनिक ट्रैफिक का मात्रा बिल्कुल कम हो तभी आपके ऐडसेंस में Ad Limit का समस्या होता है और फिर हमारा कमाई ना के बराबर रह जाता है।

कई बार ऐसा भी होता है कि हमारे साइट पर ऑर्गेनिक ट्रेफिक तो होता है लेकिन फिर भी एड लिमिट लग जाता है और इसका मुख्य कारण ये होता है कि हमारा ऐडसेंस अकाउंट नया होता है लेकिन ऐसे में 10 से 15 दिन के अंदर एड लिमिट अपने आप ही हट जाता है।

दरअसल जब हम अपने किसी पुराने ब्लॉग के लिए एक नया ऐडसेंस अकाउंट बनाकर लिंक करते हैं तो जाहिर सी बात है आपके पुराने ब्लॉग पर ऑर्गेनिक ट्रेफिक अच्छा खासा होगा ही लेकिन फिर भी ऐडसेंस अकाउंट नया होने के वजह से गूगल एड लिमिट लगाकर ये चेक करता है कि आपके साइट पर आ रहा ट्रैफिक कहीं इनवालिड तो नहीं है, सब कुछ ठीक-ठाक होने पर कुछ ही दिन में अपने आप adsense ad serving limit हट जाता है। (ये मेरा विचार है)

Adsense Ad Unit Limit से कैसे बचें?

अगर मैं अपना एक्सपीरियंस बताऊं तो हमें अपने Blog, Website या YouTube Channel पर पोस्ट या विडियो पब्लिश करने के साथ सिर्फ एक बार जितना मर्जी करें शेयर कर लेना चाहिए लेकिन एक प्लेटफार्म पर एक ही बार, और फिर उस पोस्ट को शेयर करने का काम बंद कर देना चाहिए, अब आपका आगे का काम उस पोस्ट के लिए बैकलिंक्स बनाने का होना चाहिए।

कई बार हम एक ही पोस्ट को कई दिन तक अलग-अलग सोशल प्लेटफॉर्म पर शेयर करते रहते हैं लेकिन ऐसे करने से हमारे साइट पर शेयरिंग का ट्रैफिक का मात्रा ज्यादा होने लगता है और जबरदस्ती शेयर किया हुआ पोस्ट पर आने वाला ट्रैफिक एक तरह से इनवालिड होता है क्योंकि वो आपके साइट पर समय नहीं बिताते हैं बल्कि आते हैं और वापस चले जाते हैं।

अगर आप कंटिन्यू अपने साइट पर काम करते हैं और एक लिमिट से अपने पोस्ट को शेयर करते हैं तो फिर धीरे-धीरे आपके साइट पर ऑर्गेनिक ट्रेफिक आना शुरू होता है लेकिन जो भी ट्रैफिक आपके साइट पर आए वो यहां पर समय बिताए एक पोस्ट से दूसरे पोस्ट पर जाए इसके लिए आपको क्वालिटी कंटेंट लिखना होगा।

और आपके पोस्ट से लोगों के सवाल का जवाब अच्छी तरह से मिले तभी आपके साइट पर आने वाले समय में ऑर्गेनिक ट्रैफिक आएगा गूगल के नजर में आपके साइड का महत्व बढ़ेगा।

हमें ट्रैफिक की खरीदारी करने से बचना चाहिए बहुत से प्लेटफार्म पर बहुत कम पैसे में ही बहुत ज्यादा ट्रैफिक मिलने का दावा किया जाता है लेकिन इस तरह के ट्रैफिक गूगल को पसंद नहीं होता है और होना भी नहीं चाहिए, जब आपके साइट पर उच्च गुणवत्ता का पोस्ट या आर्टिकल होगा तो आपको ट्रैफिक खरीदने या बार-बार शेयर करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी समय के साथ आपके साइट पर स्वत: हि ऑर्गेनिक ट्रेफिक आने लगेगा।

adsense ad limit solution

जब आप को Adsense Ad Limit का मैसेज मिल जाए आपको लगे की आपके ऐडसेंस अकाउंट में एड लिमिट लग चुका है तो फिर सबसे पहले आप अपने Blog या Website से सभी Ad यूनिट को हटा दें और अगर आपने auto ad चालू कर रखा है तो फिर इसे बंद कर दें।

अगर आपने किसी प्लेटफार्म से ट्रैफिक खरीदा है ट्रैफिक के लिए कैंपेन चला रहे हैं तो इसे तुरंत रोक दें अपने Blog Post को बार-बार शेयर ना करें और अब आप अपने साइट पर कुछ दिन तक बिना एड लगाए ही काम करते रहें क्वालिटी कंटेंट पब्लिश करते रहें और Google analytic report में ट्रैफिक का जांच करते रहें।

कुछ दिन बाद आपको लगेगा कि आपके साइट पर आने वाले ट्रैफिक में ज्यादा से ज्यादा हिस्सा ऑर्गेनिक ट्रेफिक दिख रहा है तब ऐसे में फिर से अपने Blog या Website पर ऐडसेंस का एड कोड लगाना शुरू करें और फिर आप पाएंगे कि आपके ऐडसेंस से Adsense Ad Limit हट चुका है।

Adsense Ad Limit कितने दिनों में हट जाता है?

वैसे तो Adsense Ad Limit का समस्या 30 दिनों के अंदर ही खत्म हो जाता है लेकिन कुछ मामलों में इसमें ज्यादा भी समय लग सकता है। अगर आप ऊपर बताए गए बातों को फॉलो करते हैं तो एक महीने के अंदर ही इस समस्या से निजात मिल जाती है।

Adsense Ad Serving Limit लग जाने के बाद एडसेंस की टीम लगातार आपके साइट पर आने वाले ट्रैफिक की जांच करती रहती है, इस बीच आपको अपने साइट पर आ रहे ट्रैफिक को कंट्रोल करने का समय होता है और आपको ऐडसेंस कार्यक्रम नीतियों का पालन करना होता है जब उनको लगता है कि आपके साइट पर आ रहे ट्रैफिक की गुणवत्ता ठीक है तो फिर वो अपने आप Adsense Ad Serving Limit को हटा लेते हैं।

adsense ad placement tips

हमें अपना Blog या Website के पोस्ट में adsense ad limit per page का ध्यान रखना होता है यानी Word के अनुसार Adsense Ad लगाना चाहिए, अगर आपने अपना एक पोस्ट 1000 शब्दो में लिखा है तो अपने पोस्ट के अंदर 3 Ad ही लगाएं छोटा लेंथ के आर्टिकल में ज्यादा एड लगाने से भी Adsense Ad Limit का समस्या आता है।

इसी तरह अगर आपने एक आर्टिकल 15 सौ से 2000 शब्दों में लिखा है तो आप अपने आर्टिकल के अंदर चार से पांच एड लगा सकते हैं, ऐसा गूगल ने कहीं ऑफीशियली रूप से लिखा तो नहीं है लेकिन हम अपने एक्सपीरियंस के आधार पर बता रहे हैं अगर आप अपने पोस्ट के अंदर बहुत ज्यादा ऐड लगा देते हैं तो इससे यूजर को भी आपके पोस्ट को पढ़ने में दिक्कत होती है और गूगल भी इसे बुरा मानता है।

ऐडसेंस का ऐड कोड अपने साइट पर लगाते समय आपको इस बात का ध्यान भी रखना होता है कि एडसेंस एड के आसपास कोई थर्ड पार्टी का विज्ञापन ना हो या कोई ऐसा क्लीकेबल लिंक ना हो जिसके ऊपर यूजर क्लिक करना चाहे तो गलती से ऐडसेंस एड पर क्लिक हो जाए।

अगर आपने ऐडसेंस एड के आसपास ही बहुत सारे बाहरी लिंक या इंटरनल लिंकिंग कर रखे हैं जिस पर क्लिक करने के चक्कर में एड पर क्लिक हो जा रहा है तो गूगल इसे साजिस समझता है, गूगल को ऐसा लगता है कि आपने ये जानबूझकर किया है ताकि आपके एड पर ज्यादा से ज्यादा क्लिक आवे और आपकी ज्यादा से ज्यादा कमाई होवे ऐसे में आपका ऐडसेंस अकाउंट डिसेबल या सस्पेंड भी हो सकता है।

अगर आप अपने साइट पर ऐडसेंस के साथ कोई अन्य एड नेटवर्क का एड लगाना चाहते हैं तो दोनों एड की दूरी का ध्यान रखें, ऐडसेंस का ऐड और दूसरे ऐड नेटवर्क का ऐड को अलग-अलग उचित दूरी पर लगाएं, या फिर आप एडसेंस का auto ad का चुनाव कर सकते हैं ऐसे में गूगल स्वयं उचित स्थान पर एड दिखाएगा।

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और अंत में

सबसे बड़ी बात – जब हमारे साइट पर organic traffic आने लगे तभी हमें अपने साइट पर एडसेंस का एड लगाना चाहिए, बिना ट्रैफिक का एड लगाकर कोई फायदा भी नहीं होता है क्योंकि जब ऑर्गेनिक ट्रैफिक होगा तभी आपको अच्छी खासी कमाई भी होगी और आपका ऐडसेंस सुरक्षित भी रहेगा।

कम ट्रैफिक में ऐडसेंस का ऐड लगाने पर हमारा ऐडसेंस अकाउंट कई सारे खतरों से घिरा रहता है कभी Adsense Ad Serving Limit लगता है तो कभी सीटीआर बहुत ज्यादा बढ़ने के वजह से हमारा ऐडसेंस अकाउंट डिसेबल या सस्पेंड होने का खतरा बना रहता है।

जब हमारे साइट पर 60 से 70 परसेंट तक ऑर्गेनिक ट्रैफिक आने लगता है तो ऐडसेंस हमारी छोटी मोटी गलती को भी नजरअंदाज कर देता है लेकिन बिना ट्रैफिक के हम बार-बार गलतियां करते हैं तो फिर हमारा अकाउंट सस्पेंड होने का चांस ज्यादा होता है।

तो हमने यहां पर सीखा Adsense ad Serving Limit क्या होता है कैसे ठीक करें, साथ ही अपने साईट पर आने वाले ट्रैफिक की गुणवत्ता पर भी चर्चा किया, हमें उम्मीद है इस पोस्ट को पढ़कर आपके समस्या का समाधान हो गया होगा।

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